मंगलवार, 25 मई 2021

क्या क़ुरआन के अनुसार सूरज दलदल में डूबता है ?

कुरान पाक के खिलाफ अक्सर कुछ भाई लोग ये कहते मिल जाते हैं कि कुरान के अनुसार सूरज काले मटमैले पानी मे जा के डूबता है, अपनी बात को सही सिद्ध करने के लिए कई लोग कुरान पाक की ये आयत भी दिखाते हैं " यहाँ तक कि वह ( ज़ुलकारनैन ) उस जगह पहुंच गया ,और उसने सूरज को काले मटमैले पानी के स्रोत मे डूबते हुआ पाया" सूरा -अल कहफ़ 18:86 लेकिन ये कोई वीर बताने की ज़हमत नहीं करता कि इस आयत के आगे और पीछे क्या लिखा है ... अगर बता दें तो उनकी पोल न खुल जाएगी दरअसल इन आयतों मे महान चक्रवर्ती सम्राट "ज़ुल्कारनैन" जो कि एक इन्सान ही थे, कोई देवता या नबी नही जिनके पास चमत्कारी शक्तियां हों, उनका किस्सा है और उनके विजय अभियानों का जिक्र है ये राजा ही कई देशों को जीतते हुए जब अति पश्चिम मे गए और समुद्र के किनारे पहुंचे तो शाम का समय था, सूरज डूब रहा था, ज़ुल्कारनैन ने जैसा मंज़र उस वक्त देखा, उसी का वर्णन कुरान 18:86 मे है ॥ सूरज पानी मे डूबा, ये एक इन्सान का व्यू है जो आसमान मे उड़ कर धरती से दूर जाकर ये नहीं देख सकते थे कि सूरज कहाँ गया, न कि यहाँ ये ज़िक्र है कि अल्लाह ने सूरज के साथ क्या किया जिसको ये देखना है कि कुरान के अनुसार रात मे सूरज कहाँ जाता है, वो सूरह ज़ुमर की 5वीं आयत देखे जिसमे स्पष्ट तौर पर लिखा है कि अल्लाह रात को दिन पर और दिन को रात पर "लपेटता" है .... लपेटने का अर्थ है किसी चीज को ऊपर नीचे हर ओर से गोलाई मे कवर करना, यानि कुरान के अनुसार अल्लाह दुनिया पर हर ओर से सूर्य का प्रकाश डालता है, इसका अर्थ है कि जब रात मे सूरज छिप जाता है तो वो दुनिया के उल्टी तरफ के गोलार्ध पर उजाला फैला रहा होता है .. न कि समुद्र मे डूब कर उजाला फैलाना बंद कर देता है !! और रही बात पानी के काला मटमैला होने की तो फैक्ट ये है कि समुद्र तट पर सूरज डूबते समय पानी का रंग काला और मटमैला ही दिखता है, ये आप समुद्र के किनारे जाकर देख सकते हैं, या समुद्र के छोर पर अस्त होते हुए सूरज के फोटो देख कर भी चेक कर सकते हैं...!!

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